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जन्माष्टमी से जुड़े लेख

आधी रात के समय फूलों से सजे काठ के पालने में विराजे बाल कृष्ण, चारों ओर जगमगाते दीये, गेंदे की मालाएं, माखन की मटकी और घर में प्रवेश करते नन्हे चरण-चिह्न।
उत्सव18 मिनट

कृष्ण जन्माष्टमी 2026: तिथि और पूजा

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुक्रवार, 4 सितंबर को है। जानें निशिता पूजा मुहूर्त, व्रत-पारण के नियम, श्रीकृष्ण जन्म की कथा और इस मध्यरात्रि पर्व का गहरा अर्थ।

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