The Sanatan Way

व्रत से जुड़े लेख

रात में शहर की एक छत पर लाल-सुनहरी साड़ी पहने महिला चाँद की ओर सुनहरी छलनी उठाए हुए है; पास में जलते दीये वाली पीतल की पूजा थाली और लाल करवा रखा है, और साथ में करवा चौथ का शीर्षक लिखा है।
उत्सव29 मिनट

करवा चौथ 2026: तिथि, चांद निकलने का समय, व्रत कथा और पूजा विधि

करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर को है। दिल्ली में चाँद रात 8:17 और गुरुग्राम में 8:18 बजे (IST) निकलेगा। जानें शहरवार समय, पूजा विधि, अर्घ्य और वीरवती की कथा।

अंशुल पात्रो
श्वेत तापस वस्त्रों में नंगे पाँव खड़ीं माँ ब्रह्मचारिणी का भक्तिचित्र: दाहिने हाथ में जपमाला, बाएँ में कमण्डल, पृष्ठभूमि में वन-आश्रम।
उत्सव6 मिनट

माँ ब्रह्मचारिणी, महान तपस्विनी: नवरात्रि का दूसरा स्वरूप (2026)

नवदुर्गा में द्वितीय माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा द्वितीया तिथि (12 अक्टूबर 2026) को होती है। हज़ार वर्षों की तपस्या की कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
बाघिन पर आरूढ़ दशभुजा माँ चंद्रघंटा का भक्तिचित्र: मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र, हाथों में शस्त्र व वरद-अभय मुद्राएँ।
उत्सव6 मिनट

माँ चंद्रघंटा, चंद्र-घंटा धारिणी: नवरात्रि का तीसरा स्वरूप (2026)

नवदुर्गा में तृतीय माँ चंद्रघंटा की पूजा तृतीया तिथि (13 अक्टूबर 2026) को होती है। मस्तक के चंद्र-घंटे का अर्थ, दशभुजा स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
गर्दभ पर आरूढ़ श्यामवर्णा माँ कालरात्रि का गरिमामय भक्तिचित्र: खुले केश, अभय-वरद मुद्रा में उठे हाथ, अंधकार में महकती रात की रानी।
उत्सव6 मिनट

माँ कालरात्रि, काल की रात्रि: नवरात्रि का सातवाँ स्वरूप (2026)

नवदुर्गा में सप्तम माँ कालरात्रि की पूजा सप्तमी तिथि (17 अक्टूबर 2026) को होती है। देवी का उग्रतम किंतु रक्षक रूप, और वे शुभंकरी क्यों कहलाती हैं: कथा, पूजा, मंत्र, भोग।

अंशुल पात्रो
सिंह पर आरूढ़ माँ कात्यायनी का भक्तिचित्र: बाएँ हाथों में चंद्रहास खड्ग व कमल, दाहिने हाथ अभय-वरद मुद्रा में।
उत्सव6 मिनट

माँ कात्यायनी, योद्धा देवी: नवरात्रि का छठा स्वरूप (2026)

नवदुर्गा में षष्ठ माँ कात्यायनी की पूजा षष्ठी तिथि (16 अक्टूबर 2026) को होती है। महिषासुर-वध हेतु कात्यायन ऋषि के आश्रम में प्रकट देवी: कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
सिंहिनी पर आरूढ़ अष्टभुजा माँ कूष्मांडा का भक्तिचित्र: सूर्य-सा तेजोमय प्रभामंडल, हाथों में अमृत-कलश, माला, गदा, चक्र आदि।
उत्सव6 मिनट

माँ कूष्मांडा, ब्रह्मांड की सृजनकर्त्री: नवरात्रि का चौथा स्वरूप (2026)

नवदुर्गा में चतुर्थ माँ कूष्मांडा की पूजा चतुर्थी तिथि (14 अक्टूबर 2026) को होती है। मुस्कान से ब्रह्मांड रचने वाली देवी की कथा, अष्टभुजा स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
श्वेत वृषभ पर श्वेतवस्त्रा माँ महागौरी का भक्तिचित्र: त्रिशूल व डमरू धारण किए, पूर्णिमा के चंद्र-सी दीप्तिमयी।
उत्सव7 मिनट

माँ महागौरी, परम उज्ज्वला: नवरात्रि का आठवाँ स्वरूप, दुर्गा अष्टमी (2026)

नवदुर्गा में अष्टम माँ महागौरी की पूजा अष्टमी (दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर 2026) को होती है। नवजीवन की कथा, कन्या पूजा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
श्वेत वृषभ पर विराजमान माँ शैलपुत्री का भक्तिचित्र: दाहिने हाथ में त्रिशूल, बाएँ में कमल, मस्तक पर अर्धचंद्र, पृष्ठभूमि में हिमालय।
उत्सव7 मिनट

माँ शैलपुत्री, पर्वतराज की पुत्री: नवरात्रि का पहला स्वरूप (2026)

नवदुर्गा में प्रथम माँ शैलपुत्री की पूजा प्रतिपदा तिथि (11 अक्टूबर 2026, घटस्थापना के दिन) को होती है। कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
कमल पर विराजमान माँ सिद्धिदात्री का भक्तिचित्र: हाथों में गदा, चक्र, कमल और शंख, पास में विश्राम करता सिंह।
उत्सव7 मिनट

माँ सिद्धिदात्री, सिद्धियों की दात्री: नवरात्रि का नौवाँ स्वरूप, महानवमी (2026)

नवदुर्गा में नवम माँ सिद्धिदात्री नवमी तिथि की देवी हैं: 2026 में 19–20 अक्टूबर, महानवमी 19 को। अर्धनारीश्वर कथा, अष्ट सिद्धियाँ, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
कमल पर विराजमान माँ स्कंदमाता का भक्तिचित्र: गोद में बाल स्कंद, ऊपर के हाथों में कमल, पास में सिंह।
उत्सव6 मिनट

माँ स्कंदमाता, स्कंद की माता: नवरात्रि का पाँचवाँ स्वरूप (2026)

नवदुर्गा में पंचम माँ स्कंदमाता की पूजा पंचमी तिथि (15 अक्टूबर 2026) को होती है। गोद में बाल स्कंद लिए कार्तिकेय की माता: कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।

अंशुल पात्रो
श्रावण की वर्षा में ध्यानमग्न भगवान शिव: जटाओं से बहती गंगा, बेलपत्र से सज्जित शिवलिंग, तांबे का लोटा और पर्वतीय मंदिर।
साधना19 मिनट

सावन (श्रावण): तिथियाँ, सोमवार व्रत और शिव पूजा विधि

श्रावण मास 2027: उत्तर भारत में सोमवार, 19 जुलाई से, अमांत पंचांग में 3 अगस्त से। सावन सोमवार व्रत तिथियाँ, शिव पूजा विधि, मंत्र, व्रत आहार और आध्यात्मिक अर्थ।

अंशुल पात्रो

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