दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, धनतेरस से भाई दूज तक पाँच दिनों का कैलेंडर, घर की पूजा विधि, दीपों की कथाएँ और FAQ।
बिजया दशमी 2026 बंगाल में बुधवार, 21 अक्टूबर को है। बंगाल की तिथि दशहरे से अलग क्यों, देवी बरण और सिंदूर खेला, कोलकाता का दुर्गा विसर्जन, शुभो बिजया की परंपराएँ और FAQ।
दशहरा / विजयादशमी 2026 मंगलवार, 20 अक्टूबर को है; बंगाल में 21 अक्टूबर। दिल्ली-कोलकाता के मुहूर्त, घर की सरल पूजा विधि, श्रीराम और माँ दुर्गा की कथाएँ, शमी पूजन, रावण दहन और FAQ।
करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर को है। दिल्ली में चाँद रात 8:17 और गुरुग्राम में 8:18 बजे (IST) निकलेगा। जानें शहरवार समय, पूजा विधि, अर्घ्य और वीरवती की कथा।
नवदुर्गा में द्वितीय माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा द्वितीया तिथि (12 अक्टूबर 2026) को होती है। हज़ार वर्षों की तपस्या की कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में तृतीय माँ चंद्रघंटा की पूजा तृतीया तिथि (13 अक्टूबर 2026) को होती है। मस्तक के चंद्र-घंटे का अर्थ, दशभुजा स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में सप्तम माँ कालरात्रि की पूजा सप्तमी तिथि (17 अक्टूबर 2026) को होती है। देवी का उग्रतम किंतु रक्षक रूप, और वे शुभंकरी क्यों कहलाती हैं: कथा, पूजा, मंत्र, भोग।
नवदुर्गा में षष्ठ माँ कात्यायनी की पूजा षष्ठी तिथि (16 अक्टूबर 2026) को होती है। महिषासुर-वध हेतु कात्यायन ऋषि के आश्रम में प्रकट देवी: कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में चतुर्थ माँ कूष्मांडा की पूजा चतुर्थी तिथि (14 अक्टूबर 2026) को होती है। मुस्कान से ब्रह्मांड रचने वाली देवी की कथा, अष्टभुजा स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में नवम माँ सिद्धिदात्री नवमी तिथि की देवी हैं: 2026 में 19–20 अक्टूबर, महानवमी 19 को। अर्धनारीश्वर कथा, अष्ट सिद्धियाँ, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में पंचम माँ स्कंदमाता की पूजा पंचमी तिथि (15 अक्टूबर 2026) को होती है। गोद में बाल स्कंद लिए कार्तिकेय की माता: कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
पितृ पक्ष 2027: बुधवार, 15 सितंबर से बुधवार, 29 सितंबर (सर्व पितृ अमावस्या) तक। श्राद्ध तिथियों की सूची, तर्पण विधि, पिंडदान, भोजन नियम और मिथकों की सच्चाई।
तमिलनाडु का रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग: रामलिंगम और विश्वलिंगम की कथा, रामनाथस्वामी मंदिर के गलियारे, अग्नि तीर्थम् और 22 तीर्थ, दर्शन तथा संपूर्ण यात्रा गाइड।
गुजरात में द्वारका के निकट नागेश्वर ज्योतिर्लिंग: सुप्रिया और दारुका की दारुकावन कथा, भूमिगत गर्भगृह, लगभग 25 मीटर ऊँची बैठी शिव प्रतिमा, दर्शन, महाशिवरात्रि और संपूर्ण यात्रा गाइड।
बहुदा यात्रा 2027 गणना के अनुसार मंगलवार, 13 जुलाई को है। भगवान जगन्नाथ की गुंडिचा मंदिर से पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर तक वापसी, सुना बेश और नीलाद्रि बीजे जानें।
श्रावण मास 2027: उत्तर भारत में सोमवार, 19 जुलाई से, अमांत पंचांग में 3 अगस्त से। सावन सोमवार व्रत तिथियाँ, शिव पूजा विधि, मंत्र, व्रत आहार और आध्यात्मिक अर्थ।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 सोमवार, 5 जुलाई को है। पुरी रथ यात्रा का आध्यात्मिक महत्व, तीन पवित्र रथ, प्रमुख अनुष्ठान और बहुदा यात्रा की संपूर्ण जानकारी पढ़ें।
चंद्र ने दक्ष की 27 पुत्रियों से विवाह क्यों किया और उन्हें शाप क्यों मिला? रोहिणी, सोमनाथ और चंद्र-कलाओं की कथा, सभी 27 नक्षत्रों के देवता और स्वामी ग्रह सहित।
हिंदू धर्म में त्रिमूर्ति का अर्थ: सृष्टिकर्ता ब्रह्मा, पालनकर्ता विष्णु और संहारक-परिवर्तक शिव, साथ ही उनकी शक्तियाँ, वाहन, कथाएँ, संप्रदायों के मत और तीनों की गहरी एकता।
·अंशुल पात्रो
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