नवदुर्गा में द्वितीय माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा द्वितीया तिथि — 12 अक्टूबर 2026 — को होती है। हज़ार वर्षों की तपस्या की कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में तृतीय माँ चंद्रघंटा की पूजा तृतीया तिथि — 13 अक्टूबर 2026 — को होती है। मस्तक के चंद्र-घंटे का अर्थ, दशभुजा स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में सप्तम माँ कालरात्रि की पूजा सप्तमी तिथि — 17 अक्टूबर 2026 — को होती है। देवी का उग्रतम किंतु रक्षक रूप — और वे शुभंकरी क्यों कहलाती हैं: कथा, पूजा, मंत्र, भोग।
नवदुर्गा में षष्ठ माँ कात्यायनी की पूजा षष्ठी तिथि — 16 अक्टूबर 2026 — को होती है। महिषासुर-वध हेतु कात्यायन ऋषि के आश्रम में प्रकट देवी: कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में चतुर्थ माँ कूष्मांडा की पूजा चतुर्थी तिथि — 14 अक्टूबर 2026 — को होती है। मुस्कान से ब्रह्मांड रचने वाली देवी की कथा, अष्टभुजा स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में अष्टम माँ महागौरी की पूजा अष्टमी — दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर 2026 — को होती है। नवजीवन की कथा, कन्या पूजा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में नवम माँ सिद्धिदात्री नवमी तिथि की देवी हैं — 2026 में 19–20 अक्टूबर, महानवमी 19 को। अर्धनारीश्वर कथा, अष्ट सिद्धियाँ, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
नवदुर्गा में पंचम माँ स्कंदमाता की पूजा पंचमी तिथि — 15 अक्टूबर 2026 — को होती है। गोद में बाल स्कंद लिए कार्तिकेय की माता: कथा, स्वरूप, पूजा विधि, मंत्र और भोग।
·अंशुल पात्रो
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